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BUDDHA

Gautam buddha गौतम बुद्ध कहते है संसार में सुख-दुख हो या रोग-निरोग,सब अनित्य है

Gautam buddha कहते है संसार में सुख-दुख हो या रोग-निरोग. सब अनित्य है, सब परिवर्तनशील है. कोई स्थायी नहीं है. हालात जरूर बदलते है इसलिए आशा की किरण चमकाएं रखे.जिंदगी है तो संघर्ष हैं, तनाव है,चिंता है, ख़ुशी है, डर है, सुख है दुख है लेकिन ये सभी अनित्य है,स्थायी नहीं हैं, परिवर्तनशील है. समयरूपी …

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Buddh se vishakha ne var manga विशाखा ने बुध्द से वर मांगे।।शाखा ने बुध्द से वर मांगे।।

Buddh se vishakha विशाखा ने बुध्द से वर मांगे।।

विशाखा ने बुध्द से वर मांगे।। विशाखा सवत्थी की एक बहुत धनवान महिला थी उसके अनेक पुत्र पोत्र थे जब तथागत सावत्थी में विहार कर रहे थे तो विशाखा वहां पहुंची जहां तथागत ठहरे हुए थे और उन्हें अगले दिन के लिए भोजन का आमंत्रण दिया जिसे तथागत ने स्वीकार कर लिया उस रात और …

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एक घुमक्कड़ की धम्मदीक्षा

।।एक घुमक्कड़ की धम्मदीक्षा।। बहत पुरानी बात है , राजगृह में एक अत्यंत असंयत आदमी रहता था। जो न तो अपने माता – पिता का ही आदर करता था और न ही दूसरे बड़े बड़ों का । जब भी उससे कोई पाप – कर्म हो जाता तो वह सूर्य , चंद्रमा तथा अग्नि – देवता …

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बुद्ध ज्ञानी बनो

“अज्ञानता से भय पैदा होता है, भय से अंधविश्वास पैदा होता है, अंधविश्वास से अंधभक्ति पैदा होती है, अंधभक्ति से व्यक्ति का विवेक शून्य हो जाता है और जिसका विवेक शून्य हो जाता है वह इंसान मानसिक गुलाम होता है।” अज्ञानी नहीं ज्ञानी बनो.. –गौतम बुद्ध🌟🌟🌟🌟

मंगल कामना:- एक अनूठी ध्यान साधना

मंगल कामना एक अनूठी ध्यान साधना. ————————————- तथागत बुद्ध अपने भिक्षुओं व उपासकों से कहते थे कि तुम चौबीस घंटे, घर परिवार, अड़ोस पड़ोस, कार्यस्थल या राह पर कोई दिखे तो उसके लिए मंगल की कामना करना. वृक्ष भी मिल जाए तो उसके पास से गुजरना, अपने आंगन व बाहर किसी फूल पत्ती को कोमलता …

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गॉड इज नॉट ग्रेट!

गॉड इज नॉट ग्रेट! ***** 21वीं सदी में दुनिया में जो पांच दस सबसे महान नास्तिक विचारक पैदा हुए हैं, उनमें से रिचर्ड डॉकिंस के बाद सबसे बड़ा नाम आता है, किस्तोंपर हीचेन का । उन्होंने 2007 में “गॉड इज नॉट ग्रेट” नाम की किताब लिखी और उस किताब में उन्होंने सैकड़ों सबूत दे कर …

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ऐसे थे बहुजन नायक कांसीराम

मान्यवर कांशीराम साहब की 05 पैसे की कहानी “मनोहर आटे” की जुबानी कंहीहमभूलनजाएँ सन 1972 में हमने पूना में अपना छोटा सा कार्यालय खोला। शायद बहुजन समाज मूवमेंट (सभी धर्मों के OBC SC ST) का वो पहला कार्यालय था। मैं उस समय रेलवे में नौकरी करता था। नौकरी के लिए मुझे रोज पूना से मुंबई …

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वर्त्तमान में जीने के लिए विपस्सना नमो बुद्धाय

🌷विपश्यना : वर्तमान में जीने का धर्म 🌷 इस समय जो जैसा अनुभूत हो रहा है,वही हमारे काम का है। न भूतकाल जो बीत चूका है और न भविष्य जो की अभी आया नहीं। अतः कल्पनाओ और कामनाओं से बचे। अपनी प्रज्ञा जगाकर इस क्षण के यथार्त का दर्शन करते रहें। 🌷 भगवान् बुद्ध ने …

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विपश्यना

विपश्यना साधना की विधि व अभ्यास अपने बारे में इस क्षण का जो सत्य है, जैसा भी है उसे ठीक वैसा ही, उसके सही स्वभाव में देखना समझना ही विपश्यना है विपश्यना आत्मनिरीक्षण द्वारा आत्मशुद्धि की अत्यंत पुरातन साधना-विधि है। लगभग 2500 वर्ष पूर्व भगवान गौतम बुद्ध ने विलुप्त हुई इस पद्धति का पुन: अनुसंधान …

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बुद्ध – पुनःजन्म व मृत्यु

🌹एक जिज्ञासा🌹 यह जिज्ञासा लगभग सभी के मन में समायी रहती है कि वह कौन है जो जन्मने पर हमारी मृत्यु निश्चित करता है और मरने पर पुनर्जन्म देता है? अधिकतर लोग उसे ईश्वर के रूप में मानते हैं। वह ईश्वर है जो हमें जन्म देता है और मृत्यु तक पहुँचाता है और फिर जन्म …

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